मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर केंद्र और राज्य के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की जांच, सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में जांच और मिलावट में सजा का प्रावधान हटाने पर सवाल उठाए। बीजेपी ने इंडी गठबंधन शासित राज्य में दवा निर्माण पर पलटवार किया है।
मध्य प्रदेश के कफ सिरप कांड में बड़ा एक्शन, एसआईटी ने चेन्नई से श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक गोविंदन रंगनाथन को किया गिरफ्तार। जानें मृतकों का आंकड़ा और सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ।
छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से हुई मौतों के बाद जिले की औषधि निरीक्षक प्रियंका चौबे ने सतना, मैहर और उमरिया के सभी दवा विक्रेताओं से कोल्ड्रिफ और नास्ट्रो-डीएस सस्पेंशन कफ सिरप के स्टॉक की जानकारी मांगी है। दोनों दवाओं की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई गई है। दुकानदारों से क्रय-विक्रय का पूरा ब्यौरा और मरीजों को दी गई दवाओं की वापसी के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
छिंदवाड़ा कोल्ड्रिफ सिरप मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। ड्रग कंट्रोलर स्थानांतरित और 3 औषधि निरीक्षक निलंबित। मानव जीवन की सुरक्षा पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं। दवा रिकवरी का सघन अभियान शुरू।
















